गद्य खंड - पाठ 8: जामुन का पेड़ (संपूर्ण हल)
लेखक: कृष्ण चंदर | NCERT Class 11 Hindi Solutions
1. कठिन शब्दार्थ (Word Meanings)
| झंझावात: | तेज़ हवा के साथ बारिश (Storm)। |
| दफ़्तरशाह: | सरकारी अधिकारी (Bureaucrats)। |
| संवेदनहीन: | जिसमें भावनाएँ न हों। |
| तगाफ़ुल: | देरी या लापरवाही। |
| हैरतअंगेज़: | आश्चर्यजनक। |
"हवा हूँ, हवा मैं, बसंती हवा हूँ—पर यहाँ तो सरकारी फाइलों की हवा ही कुछ और है।" — यह पाठ व्यवस्था की संवेदनहीनता को उजागर करता है।
2. महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (Complete Q&A)
प्रश्न 1: 'बेचारा जामुन का पेड़! कितना फलदार था'—क्लर्कों की इस बातचीत से उनकी किस मानसिकता का पता चलता है?
उत्तर: क्लर्कों की इस बातचीत से उनकी संवेदनहीनता और स्वार्थपरता का पता चलता है। उन्हें उस दबे हुए इंसान की जान की कोई परवाह नहीं थी, बल्कि उन्हें दुख इस बात का था कि अब उन्हें उस पेड़ के मीठे जामुन खाने को नहीं मिलेंगे। यह दिखाता है कि व्यवस्था में इंसान की जान से ज़्यादा चीज़ों का महत्व है।
प्रश्न 2: दबे हुए आदमी को निकालने के लिए फ़ाइल किन-किन विभागों में घूमती रही?
उत्तर: पेड़ के नीचे दबे आदमी को निकालने की फ़ाइल व्यापार विभाग (Commerce Dept.) से शुरू होकर एग्रीकल्चर विभाग, हॉर्टिकल्चर विभाग, कल्चरल विभाग, फ़ॉरेस्ट विभाग और अंत में विदेश विभाग (Foreign Dept.) तक पहुँची। हर विभाग ने जिम्मेदारी दूसरे पर डालकर मामले को लटकाए रखा।
प्रश्न 3: हॉर्टिकल्चर विभाग ने पेड़ न काटने के पीछे क्या तर्क दिया?
उत्तर: हॉर्टिकल्चर विभाग ने तर्क दिया कि वर्तमान में सरकार 'पेड़ लगाओ' अभियान चला रही है। ऐसे में एक फलदार पेड़ को काटने की इजाज़त देना सरकारी नीति के विरुद्ध है। उन्होंने आदमी को बचाने से ज़्यादा पेड़ की सुरक्षा को महत्व दिया।
प्रश्न 4: जब यह पता चला कि दबा हुआ आदमी एक कवि है, तब कल्चरल विभाग ने क्या किया?
उत्तर: जैसे ही पता चला कि दबा हुआ आदमी कवि है, फाइल कल्चरल विभाग को भेज दी गई। विभाग ने उसे बचाने के बजाय उसे अपनी साहित्य अकादमी का सदस्य बना लिया और उसे मिठाई खिलाने की बात की, लेकिन उसे पेड़ के नीचे से निकालने की कोई ठोस कोशिश नहीं की।
प्रश्न 5: कहानी के अंत में 'फ़ाइल पूरी हो गई' का क्या आशय है?
उत्तर: इसका गहरा और दुखद आशय है। जब तक प्रधानमंत्री के आदेश से पेड़ को काटने की अनुमति मिली और फाइल का औपचारिक काम पूरा हुआ, तब तक वह दबा हुआ आदमी मर चुका था। 'फ़ाइल पूरी होना' यहाँ व्यवस्था की उस देरी का प्रतीक है जिसके कारण एक निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई।