गद्य खंड - पाठ 3: अप्पू के साथ ढाई साल (संपूर्ण हल)
लेखक: सत्यजित राय | NCERT Class 11 Hindi Solutions
1. कठिन शब्दार्थ (Word Meanings)
| संस्रण: | पुरानी यादों पर आधारित लेखन। |
| तल्लीन: | पूरी तरह मग्न या डूबा हुआ। |
| शॉट: | फिल्म का एक दृश्य (Scene)। |
| कंटिन्यूटी: | दृश्य की निरंतरता बनाए रखना। |
| विज्ञापित: | प्रचारित या नोटिस दिया हुआ। |
"पथेर पांचाली फिल्म की शूटिंग का अनुभव किसी कठिन साधना से कम नहीं था।" — यह पाठ एक फिल्मकार के संघर्ष की कहानी है।
प्रश्न 1: पथेर पांचाली फिल्म की शूटिंग का काम ढाई साल तक क्यों चला?
उत्तर: पथेर पांचाली फिल्म की शूटिंग ढाई साल तक चलने के मुख्य कारण निम्नलिखित थे:
1. लेखक (सत्यजित राय) के पास धन का अभाव था। जब पैसे खत्म हो जाते, तो शूटिंग रोकनी पड़ती थी और दोबारा पैसे जुटने पर शुरू होती थी।
2. लेखक विज्ञापन कंपनी में नौकरी करते थे, इसलिए उन्हें केवल छुट्टी के दिनों में ही शूटिंग का समय मिलता था।
3. कलाकारों की उपलब्धता और प्राकृतिक दृश्यों (जैसे काशफूल) के लिए मौसम का इंतज़ार करना भी एक कारण था।
1. लेखक (सत्यजित राय) के पास धन का अभाव था। जब पैसे खत्म हो जाते, तो शूटिंग रोकनी पड़ती थी और दोबारा पैसे जुटने पर शुरू होती थी।
2. लेखक विज्ञापन कंपनी में नौकरी करते थे, इसलिए उन्हें केवल छुट्टी के दिनों में ही शूटिंग का समय मिलता था।
3. कलाकारों की उपलब्धता और प्राकृतिक दृश्यों (जैसे काशफूल) के लिए मौसम का इंतज़ार करना भी एक कारण था।
प्रश्न 2: 'अब अगर धीरज के पास दूसरा कुत्ता न होता, तो क्या होता?' इस प्रसंग के माध्यम से फिल्म निर्माण की किस समस्या की ओर संकेत किया गया है?
उत्तर: इस प्रसंग के माध्यम से फिल्म निर्माण में 'कंटिन्यूटी' (निरंतरता) बनाए रखने की समस्या की ओर संकेत किया गया है। शूटिंग के दौरान पहला कुत्ता (भुलो) मर गया था। यदि दूसरा मिलता-जुलता कुत्ता न मिलता, तो फिल्म के पहले हिस्से के दृश्य और बाद के दृश्यों में अंतर आ जाता, जिससे फिल्म की स्वाभाविकता खत्म हो जाती।
प्रश्न 3: बारिश का दृश्य चित्रित करने में क्या मुश्किल आई और उसका समाधान किस प्रकार हुआ?
उत्तर: लेखक के पास बारिश के मौसम में पैसे खत्म हो गए थे, इसलिए शूटिंग नहीं हो सकी। जब अक्टूबर में पैसे आए, तो बारिश का समय जा चुका था। लेखक को डर था कि बिना बारिश के दृश्य कैसे फिल्माया जाएगा। लेकिन किस्मत से एक दिन अचानक मूसलाधार बारिश हुई और लेखक ने अप्पू और दुर्गा के भीगने का सीन तुरंत फिल्मा लिया।
प्रश्न 4: 'किसी फिल्म की शूटिंग के दौरान लेखक को किन-किन तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा?'
उत्तर: लेखक को कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा:
1. काशफूलों वाले मैदान में आधे सीन के बाद जानवरों द्वारा फूल खा लिए जाने के कारण अगले साल तक इंतज़ार करना पड़ा।
2. एक कलाकार (चुन्नीबाला देवी) की उम्र अधिक होने के कारण उनकी मृत्यु का डर बना रहता था।
3. शूटिंग के लिए उपयुक्त लोकेशन (जैसे रेलगाड़ी का धुआँ और बैकग्राउंड ध्वनि) का तालमेल बिठाना कठिन था।
1. काशफूलों वाले मैदान में आधे सीन के बाद जानवरों द्वारा फूल खा लिए जाने के कारण अगले साल तक इंतज़ार करना पड़ा।
2. एक कलाकार (चुन्नीबाला देवी) की उम्र अधिक होने के कारण उनकी मृत्यु का डर बना रहता था।
3. शूटिंग के लिए उपयुक्त लोकेशन (जैसे रेलगाड़ी का धुआँ और बैकग्राउंड ध्वनि) का तालमेल बिठाना कठिन था।
प्रश्न 5: सुबोध दा कौन थे और उनका व्यवहार कैसा था?
उत्तर: सुबोध दा उस गाँव के एक बुजुर्ग व्यक्ति थे जहाँ शूटिंग हो रही थी। वे मानसिक रूप से थोड़े अस्वस्थ थे और शूटिंग दल को देखकर बड़बड़ाते रहते थे। वे कभी-कभी फिल्म वालों को 'मारो' कहकर चिल्लाते थे, लेकिन बाद में वे लेखक के साथ मित्रवत व्यवहार करने लगे थे।